
The Rudraksh Roy Kapoor
The Rudraksh Roy Kapoor
कपूर इंडस्ट्री का ceo काली आंखें तीखे नैन नक्श और रॉब ऐसा की कोई भी इंसान उससे बात करने से क्या उसे देखने से भी कतराता था पूरे एशिया का टॉप नंबर वन बिजनेसमैन कपूर इंडस्ट्री के साथ-साथ उसकी खुद की भी एक कंपनी थी Rk enterprises जो word की बेस्ट कंपनी में आती थी ।
6 फुट 3 इंच उसकी हाइट बॉडी ऐसी की कोई भी देखता रह जाए 8 pack apps रुद्र की शख्सियत ही ऐसी थी की लड़कियां दीवानी थी उसकी अब यह पता नहीं कि वह उसके पैसों पर मरती थी या उसकी बॉडी पर पर यह सच था 27 साल का Rudraksh हर लड़की का ड्रीम बॉय था
रूद्र को लोग वेपन किंग के नाम से भी जानते थे एट द एंड उसका काम ही यही था वेपंस इंडिया के सोल्जर के लिए weapon बनाना ।
रुद्राक्ष के परिवार में उसके मां-बाप नहीं थे उसके पास अगर अपना कहने को कोई था तो वह सिर्फ उसके दादाजी और उसका छोटा भाई Aksh था ।
ऐसा नहीं था कि रुद्र के पिता जिंदा नहीं थे वह जिंदा थे पर रूद्र उन्हें अपना पिता मानता नहीं था रुद्र अगर दुनिया में सबसे ज्यादा नफरत किसी से करता था इस दुनिया में तो वह सिर्फ एक औरत थी रजिया सुल्तान ।
रजिया सुल्तान एक ऐसी औरत जिसने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी बचपन में सबके साथ खेलने वाला और हंसने मुस्कुराने वाला Rudraksha यूं ही आज वेपन किंग नहीं कहलाता था यह उसकी सक्सेस थी पर इस सक्सेस में रुद्रा ने अपना बहुत कुछ खो दिया था ।
और उससे जो खो गया था वह सब कुछ उससे छिना गया था और वह छीनने वाला कोई और नहीं रजिया सुल्तान थी।
रुद्र जितना पावरफुल था उतना ही क्रुएल भी था उसकी क्रुएलिटी उसके पास ही थी रुद्र किसी को भी माफ करने में यकीन नहीं रखता था उसे बस एक ही चीज आती थी गलती होने पर सीधा सजाए मौत ।
रुद्र का नाम ही काफी था किसी के भी मन में डर पैदा करने के लिए ।
रुद्र पूरी मुंबई पर राज करता था मुंबई का एक-एक बच्चा उसे जानता होगा बच्चे क्या बड़े क्या हर कोई उससे डरता था उसका नाम ही काफी था किसी के भी मन में दहशत पैदा करने के लिए यू कहे तो डर का दूसरा नाम दहशत का दूसरा नाम रूद्र था ।
The devil RK एक ऐसा नाम जो मुंबई में सिर्फ दहशत फैलाने का काम करता था ।
वही उसके उलट जिद्दी किसी की भी ना सुनने वाली सिवाय अपनी मर्जी के किसी और का ना मानने वाली Kashish .
midnight Blue eyes 👀
तीखे नैन नक्श और चांद सा चेहरा कोई देखे तो दिखता रह जाए जिसके सामने शायद चांद भी फीका लागे ऐसी थी Kashish 5 फुट 5 इंच हाइट सिंपल सी पर उसकी यह सादगी भी किसी को घायल कर जाए ऐसी थी ।
Kashish Rajvansh
राजवंश कॉरपोरेशन की इकलौती मालकिन और राजवंश ग्रुप को टॉप लिस्ट में पहुंचने वाली ऐसी शख्सियत जिस पर पूरे राजवंश खदान को गुरूर था ।
कशिश के परिवार में उसके मॉम डैड नहीं थे उसके चाचा चाची उसके दादू जो उसे जान से ज्यादा प्यार थे और उसका एक छोटा भाई और बहन थे।
घर के मुखिया दादा साहब ।
Dev Datt Rajvansh घर के मुखिया और घर के कर्ता धर्ता यहीं है कोई भी फैसला उनके पूछे बगैर नहीं लिया जाता है घर के सारे फैसले करने का हक देवदत्त जी का था और देवदत्त जी की जान अगर किसी में बसती थी तो वह थी हमारी कशिश दादा साहब की लाडली दादा साहब के जिगर का टुकड़ा और दादा साहब का इकलौता गुरुर कशिश पूरी राजवंश खानदान का गुरूर थी राजवंश खदान की पहली औलाद होने के नाते सारे लोग उसे बहुत प्यार करते थे ऐसा नहीं था की कशिश इकलौती थी पर वह दादा साहब के दिल के बहुत करीब थी वह दादा साहब का जिगर का टुकड़ा थी ।
Devraj Rajvansh
कशिश के प्यारे चाचू
चाचा जी तो कशिश पर अपनी जान लुटाते थे कशिश की कोई ऐसी डिमांड नहीं होगी जो उसके चाचू ने पूरी नहीं की होगी उसकी एक एक जिद उसके चाचा ने पूरी की थी कशिश इस दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अगर किसी से करती थी तो वह दादा साहब से करती थी पर उसे उसके चाचू भी उतने ही प्यारे थे प्यारी भी क्यों ना हो कशिश के चाचू ने उसके मॉम डैड के जाने के बाद उसे संभाला था उसे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उसके मॉम डैड उसके पास नहीं है उसके चाचा और चाची ने उसका बहुत ध्यान रखा था बहुत नाजों से पाला था उसे उसकी हर एक जिद पुरी की थी उसकी हर एक डिमांड पूरी की थी कशिश को हमेशा ही क्वीन वाला ट्रीटमेंट मिला था क्योंकि उसके मॉम डैड उसे प्रिंस बनाने में यकीन नहीं रखते थे वैसे ही उसके चाचा और चाची ने उसका बहुत ध्यान रखा था नाजों से पाली गई थी कशिश ।
Damini Rajvansh
कशिश की चाची जी जिन्होंने उसे अपनी बेटी की तरह पाला सिर्फ पाल पॉस कर बडा ही नहीं किया बल्कि कशिश को संभाला उसे जिस समय अपनी मां की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब तब दामिनी जीने उसके माथे पर हाथ फेरा दामिनी जी ने अपने बच्चों को इतना प्यार नहीं दिया होगा जितना उन्होंने कशिश को दिया था कशिश में जान बनती थी उनकी जिगर का टुकड़ा थी कशिश उनका Kashi कशिश को काशी बुलाती थी उसकी चाची काशी नाम भी उन्होंने ही दिया था उसे दामिनी जी के रहते कभी भी उसे अपनी मां की कमी महसूस नहीं हुई चाहे वह उसे बुखार में दवाई देना हो रात भर जाकर उसका ध्यान रखना हो या फिर जब वह टॉप कर कर आई तब उसका साथ देना उसे अपने गले से लगाकर उसकी हर जीत पर शाबाशी देना कुछ-कुछ जगह पर जब उसकी गलतियां हुई तब उसे समझाना भी एक मां होने के सारे मेन दामिनी निभाए थे कशिश भी उन्हें चाचा जी नहीं छोटी मां कहती थी वह उसकी दूसरी मां थी सही मायने में पहले ही उन्होंने उसे जन्म नहीं दिया था पर बाकी कोई कमी छोड़ी भी नहीं थी।
दामिनी जी और देवराज जी के तीन बच्चे थे जिसमें एक बड़ा बेटा Siddharth Rajvansh. और बाकी दो बच्चे जुड़वा थे जिसमें बेटे का नाम Kabir Rajvansh और बेटी का नाम krisha Rajvansh खाने को तो यह दोनों जुड़वा थे पर इन दोनों की हरकतें कहीं से भी मिलती नहीं थी एक दूसरे से बिल्कुल अलग एक दूसरे से लड़ने वाले एक दूसरे की टांग खींचने वाले थे दोनों दामिनी जी खुद परेशान थी इन दोनों से तो।
*****
तो यह थी एक झलक कशिश के परिवार की।
और एक और झलक रुद्राक्ष रॉय कपूर की।
रात का वक्त
एक विला इसके आसपास बहुत से गार्ड खड़े थे और एक बड़ा सा गेट जिसके सामने इस वक्त एक ब्लैक रोल्स-रॉयस आकर खड़ी हुई दो गार्ड आए और उन्होंने तुरंत दरवाजा खोला उसके साथ ही वह ब्लैक रोल्स-रॉयस स्पीड के साथ अंदर आ गई और डायरेक्ट पार्किंग में जाकर पार्क हुई और उसमें से एक शख्स के पैर बाहर आई और वह शख्स जो गाड़ी के अंदर बैठा हुआ था वह बाहर आया ब्लैक कलर के बिजनेस सूट में वह शख्स किसी great god से काम नहीं लग रहा था उसकी चाल ऐसी थी कि देखने वाले की रूह तक कांप जाए । उसकी काली गहरी आंखों में इस वक्त गुस्सा साफ-साफ देखा जा सकता था।
अब यह गुस्सा किस वजह से था यह तो पता नहीं था पर उस शख्स की काली गहरी आंखों में इतना गुस्सा देखकर वहा खड़े सारे गार्डन सहम चुके थे।
वह लोग जानते थे कि अगर इस आदमी को गुस्सा आया तो उनकी नौकरी तो जाएगी साथ ही साथ उनको किसी भी जगह पर नौकरी नहीं मिलेगी यह चीज तो अलग सारे गार्डों के पसीने छूट रहे थे उस आदमी को देखकर उस आदमी ने एक नजर पूरे गार्डन पर घुमाई और सबको अपनी काली गहरी आंखों से धुर कर देखने लगा ।
उसकी आंखों में इस वक्त गुस्सा था और उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे पर उसका भावहीन चेहरा भी उसकी पर्सनालिटी पर सूट कर रहा था ।
उसने सबको एक नजर देखा और फिर विला के अंदर की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए विला के गेट से अंदर जाते हुए।
उसके आसपास खड़े सारे गॉड्स धीरे-धीरे करके सामने अपना सर झुका रहे थे जैसे मानो उसे greet कर रहे हो वह शख्स सीधा जाकर होल में खड़ा हुआ । और एक नजर पूरे हॉल में लगाने के बाद।
वह तुरंत सामने की सीडीओ की तरफ बढ़ गया उसके सीढ़ियां चढ़ने की वजह से पूरे हॉल में उसके जूतो के टक टक की आवाज आ रही थी पूरे हॉल में इस वक्त शांति थी बस उस शख्स के ऊपर जाने की आवाज ही आ रही थी वह शख्स सीधा 2nd floor पर रुका और सामने के दरवाजे को घूरने लगा ।
उसने तुरंत सामने का दरवाजा खोला और सीधा कमरे के अंदर जाकर वहां खड़े डॉक्टर की कॉलर पकड़ ली और अपनी काली गहरी आंखों से उसे घूरते हुए। अपनी ठंडी रूह कंपा देने वाली आवाज में बोला।
क्यों डॉक्टर तुम्हें अपनी जान प्यारी नहीं है । और यह क्या बकवास किए जा रहे हो कब से
मेरे दादाजी क्यों ठीक नहीं हो रहे हैं। तुम डॉक्टर हो तुम्हारा काम है मरीज को ठीक करना ना कि यह बंदूके के बहाने बनाना।
यह मेरी आखरी वार्निंग है डॉक्टर अगर मेरे दादाजी को कुछ भी हुआ तो मैं तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगा तुम्हें चैन की मौत भी नसीब नहीं होने दूंगा ।
इतना सुनते ही और उस शख्स की आंखों में इतना गुस्सा देखते ही वह डॉक्टर पूरी तरीके से कांपने लगा उसकी आंखों में उसे शख्स के लिए डर साफ-साफ देखा जा सकता था। उसके माथे पे पसीने की बूंदे दिखने लगी। और उसके आसपास खड़े बाकी सारे डॉक्टर और नर्स भी बुरी तरीके से कांपने लगे कापे भी क्यों ना वह जानते थे इस शख्स की क्रुएल्टी को उन्हें पता था कि अगर उनसे कोई भी गलती हुई तो यह शख्स उन्हें मौत के दरवाजे दिखा देगा।
उसे डॉक्टर ने अपनी घबराई हुई आवाज में कहा सर सर सॉरी सर सॉरी सर मैं मैं जानता हूं कि आप अपने दादाजी को बहुत प्यार करते हैं पर पर आप समझने की कोशिश कीजिए सर आपके दादाजी बहुत ज्यादा स्ट्रेस ले रही है और इस हालत मे और इस उम्र में उन्हें इतना ज्यादा स्ट्रेस नहीं लेना चाहिए उन्हें ऑलरेडी एक माइनर हार्ट अटैक आ चुका है। और आप जानते ही है कि वह एक हार्ट पेशेंट है इस वजह से उनके लिए इतना ज्यादा टेंशन लेना इतना ज्यादा स्ट्रेस लेना उनकी लाइफ के लिए डेंजरस हो सकता है।
और उनके इतना स्ट्रेस लेने की वजह से ही आज वह बेहोश हो गए थे और अगर उनका ट्रीटमेंट टाइम से नहीं हुआ होता तो उन्हें सेकंड माइनर हार्ट अटैक भी आ सकता था और साथ ही साथ उनका अपने खाने पर बिल्कुल कंट्रोल नहीं है हमारे लाख मना करने के बाद भी वह अपनी हेल्थ का ध्यान नहीं रखते हैं और उनका डायट चार्ट के हिसाब से वह खाना भी नहीं खाते इस वजह से ही आज उनको सेकंड माइनर हार्ट अटैक आते-आते बचा है।
और अगर उन्हें सेकंड माइनर हार्ट अटैकआया और अगर उनकी बॉडी उसे हैंडल नहीं कर पाई तो वह कोमा में भी जा सकते हैं।
इतना सुनते ही उसे शख्स ने उसे डॉक्टर के चेहरे पर एक मुक्का दे मारा उसे शख्स की आंखें अब पूरी तरह से लाल हो चुकी थी।
वह अब अपने कंट्रोल में नहीं था उसने तुरंत डॉक्टर की कॉलर को पकड़ा और उसे झंजोरते हुए बोला डॉक्टर तुम हो या मैं मेरे दादाजी का ध्यान रखना और उनका डायट चार्ट फॉलो करवाने की सारी जिम्मेदारी तुम्हारी है।
अगर यह सब काम तुम लोगों से नहीं हो रहा है तो कह दो कल ही तुम लोगों के डॉक्टरी के लाइसेंस कैंसिल करवाता हूं मैं फिर मैं भी देखता हूं कैसे करते हो तुम लोग डॉक्टरी मैंने कहा था मेरे पीछे मेरे दादाजी का ध्यान रखना।
तुम लोगों को मेरी दादाजी के ध्यान रखने के ही पैसे मिलते हैं।
अभी वह शख्स बोल ही रहा था कि उसके कानों में एक आवाज आई ... रुद्रा
यह आवाज बहुत धीमी थी पर रुद्र के कानों तक यह आवाज बिल्कुल अच्छे से सुनाई दीथी उसने तुरंत पीछे मुड़कर बेड पर देखा जहां पर एक 80 साल बुजुर्ग लेटे हुए थे । उन बुजुर्ग की आवाज सुनकर उसने डॉक्टर के कॉलर को तुरंत झटका ।
और तुरंत उनके पास आकर उनके हाथ को अपने हाथ में लेकर हल्के गुस्से में मगर आदर से बोल दादा जी आप कब सुधरेंगे आपको पता है ना कि आपकी तबीयत सही नहीं रहती है फिर भी आप क्यों बाहर का खाते हैं।
मैंने आपको मना किया था ना कि आप बाहर की कोई भी चीज नहीं खाएंगे फिर भी आपने कल बाहर से खाना खाया और आज पड़ गए बीमार आपको पता है आपकी तबीयत सही नहीं रहती तो फिर क्यों आप ऐसी हरकतें करते हैं। कल आपको हर्ट अटैक आते-आते बचा है।
और स्ट्रेस किस बात का है आपको इतना स्ट्रेस मैंने आपको मना किया है ना कि आप बेफिज़ुल का कुछ भी नहीं सोचेंगे फिर क्यों आप इतना टेंशन लेते हैं ।
इतना सुनते ही उसे शख्स ने रुद्र के माथे पर हाथ फेरते हुए कहा बरखुरदार आप नहीं समझेंगे हमारी चिंता को अगर आप हमें समझते तो अभी तक आपने अपना घर बसा लियाहोता पर नहीं आपको कहां पर पड़ता है हमारी तबियत से उनकी यह बातें सुनकर रुद्रा अपनी आंखें रोल करली वह जानता था कि यह उसके दादाजी की पुरानी ट्रिक थी।
उसने अपनी गंभीर आवाज में दादरी से कहा अगर अगली बार आप बीमार हुए तो आप घर का जो नॉर्मल खाना भी कहते हैं मसाले वाला वह भी मैं बंद करवा दूंगा इतना सुनते ही दादाजी की भौंह तन गय उन्होंने अपनी चिर परिचित आवाज में कहा बरखुरदार आप इतनी भी बड़े नहीं हुए हैं कि आप हमारे खाने-पीने पर भी अब रोक-टोक लगने लगे इतना सुनते ही रुद्रा अपनी एक आईब्रो ऊपर की और दादाजी को घूर कर देखने लगा
और दादा जी को जवाब देते हुए बोला ठीक है देखते हैं क्या होता है आप भी अब मेरे नजरों के सामने घर कम मसाले वाला खाना भी खाकर दिखाइए। इतना कहकर उसने दादाजी के हाथ को वापस से बेड पर रख दिया और एक नजर डॉक्टर की पूरी टीम को घूर कर देखने लगा ।
उसकी एक नजर से ही पूरी टीम तुरंत कमरे के बाहर चली गई। उनके जाते ही। रुद्रा फिर से अपने दादाजी को दिखा जो उसे ही देख रहे थे । उन्होंने रूद्र से पूछा बरखुरदार पूरी दुनिया पर तो नजर रखते हो पर क्या अपने छोटे भाई के हाल-चाल पूछे हैं।
इतना सुनते ही रूद्र ने अपनी काली गहरी आंखों से दादाजी को एक नजर देखा और फिर कमरे से बाहर जाते हुए बोला नजर तो छोटे पर भी है पर जनाब आजकल बिजी है अपनी कॉलेज में जैसे ही उन सब में से फ्री होता है वैसे उसकी भी क्लास लगता हूं।
आपने उसे भी अपने जैसा बना दिया है एकदम जिद्दी और बेपरवाह ।
बिगड़ी है जितना बिगड़ना है आपको उसे बाकी मैं तो हूं ही उसे सुधारने के लिए इतना सुनते ही दादाजी का मुंह बन गया और अपने मन में बडबडाते हुए बोले यह अखंड लड़का कभी नहीं सुधरेगा पता नहीं इसे सुधारने वाली कब आएगी। इतना सोच कर उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली और चले गए अपनी गहरी नींद में ।
रूद्र दादाजी के कमरे से बाहर आया और तुरंत नीचे हॉल में गया और हेड मेड को आवाज़ लगाई उसकी आवाज इस वक्त किसी की भी रीड की हड्डी में सिहरन पैदा करने के लिए काफी थी।
वही हाल मेरी का भी था मेरी वहां की हेड सर्वेंट थी उसने तुरंत रुद्र के सामने अपना सर झुकाते हुए उसे greet करते हुए बोली जी सर बोलिए क्या करना है मुझे रुद्राक्ष ने उसे एक नजर भी नहीं देखा होगा और उसने अपनी गंभीर आवाज में कहा दादाजी के लिए उनके डाइट चार्ट के हिसाब से खाना बना दो। और हां याद रहे आज के बाद दादाजी सिर्फ अपने डाइट चार्ट को फॉलो करें उस बात का खास ध्यान रखना है तुम्हें अगर मुझे पता चला की दादाजी ने कोई भी मसाले वाला खाना खाया है चाहे फिर वह घर का ही क्यों ना हो तो तुम्हारे लिए वह अच्छा नहीं होगा। Understand
Yes sir मेरी ने तुरंत जवाब दिया । और सीधा किचन में चली गई दादाजी के लिए खाना बनाने उसे पता था कि अगर आधे घंटे के अंदर खाना नहीं बना तो रुद्र उसे कौन सी सजा देगा और आज रुद्र का मूड कैसा था यह तो वह देख ही चुकी थी।
मेरी की किचन में जाते ही रुद्रा अपनी जेब से अपना फोन निकाला और सीधा वरुण को कॉल लगाया वरुण रुद्र का मैनेजर था।
चाहे प्रोफेशनल हो या पर्सनल उसके सारे काम उसका मैनेजर वरुण ही संभालता था।
उसने ऑर्डर भरे टोन में कहा सारी डॉक्टर की टीम को हेल हाउस भेजो। और उस इंसान को भी जिसने दादाजी के खाने में आज जहर मिलाने की कोशिश की थी।
और उसने बिना कुछ सुन डायरेक्ट कॉल कट कर दिया। और वरुण सीधा काम पर लग गया उसने सारी डॉक्टर की टीम को इनफॉर्म करके हेल हाउस बुला लिया।
और गार्डों की टीम को कॉल करके जिस आदमी ने आज दादा जी के खाने में जहर मिलाने की कोशिश की थी उसको वहां पर लाने के लिए कहा और खुद भी हेल हाउस के लिए निकल गया ।
रुद्रा होल से बाहर आया और सीधा अपनी गाड़ी में जाकर बैठ गया उसने अपनी रोल्स-रॉयस को गेट से बाहर निकाला और टर्न लेते हुए तेज स्पीड में ड्राइव करने लगा।
यू कहो तो रुद्र गाड़ी को भगाए जा रहा था रोड पर उसकी कार सीधा hel mention के parking lot में आकर रुकी उसने तुरंत गाड़ी का दरवाजा खुला और सीधा हेल मेंटेशन के अंदर चला गया।
Hell mention रुद्र की टेरिटरी थी । उसकी टेरिटरी में इसकी इजाजत के बिना आज तक परिंदा भी पर नहीं मार पाया था सारे गार्ड लाइन से खड़े थे जैसे-जैसे रूद्र अंदर जा रहा था वैसे-वैसे सारे गॉड्स सर झुका कर उसे greet कर रहे थे।
वह तुरंत ही अंदर गया हाल से अंदर जाते ही राइट साइडपर एक बेसमेंट था जिसके दरवाजे को रूद्र ने अपनी फिंगरप्रिंट से खोला और सीधा बेसमेंट के अंदर चला गया बेसमेंट के अंदर छाती ही उसे कई लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई देने लगी।
उसकी आंखों में हल्की सी चमक आ गई यह चमक एक शैतानी चमक थी।
उसने अपनी आंखें रोल की और एक नजर चारों तरफ दोडाई और तुरंत सामने की तरफ चलने लगा। उसके आगे जाते ही एक चेर पर एक आदमी बंधा हुआ था। उसे आदमी के मुंह से खून निकल रहा था। और उसकी पूरी बॉडी पे मारने के निशान थे। और उसे आदमी के राइट साइड पर पूरे डॉक्टर की टीम खड़ी थी। जिसमें सारे मेल डॉक्टर थे। नर्स का स्टाफ यहां पर नहीं था । क्योंकि उन लोगों ने गलती नहीं की थी और गलती जिन्होंने की थी उन्हें रूद्र छोड़ने वाला नहीं था ।
उसने अपनी गर्दन को दाएं और बाएं फिर आया अपनी राइट हैंड को अपनी गर्दन पर फिर आते हुए अपनी खतरनाक आवाज में बोला किसने भेजा था तुझे।।
इतना बोलकर उसने सीधा उसे आदमी के बालों को कसकर पकडा और उसके सर को सीधा टेबल पर पटक दिया उस आदमी की दिल दहलाने वाली आवाज पूरी बेसमेंट में गुंज़ ने लगी। और उसके साथ ही डॉक्टर रॉकी भी रूह कांप उठी। डॉक्टर की आंखों में रुद्र के लिए साफ-साफ खौफ दिख रहा था।
शायद उन्हें भी पता था की रूद्र उन लोगों को भी छोड़ने वाला नहीं था। रुद्र का गुस्सा हद पार कर रहा था अब क्योंकि उसे आदमी से उसने पूछा था कि किसने उसे यह काम करने के लिए कहा था किसने उसे उसके दादाजी के खाने में जहर मिलाने के लिए भेजा था पर वह आदमी कुछ बोल ही नहीं रहा था रुद्र के बर्दाश्त करने की हद अब खत्म हो चुकी थी उसने उसे आदमी के हाथ को दिखा और साइड में पड़े एक नाइफ को उठाकर उसे आदमी के नाखून काटने लगा वह उसे आदमी के नाखून को उसकी उंगली और तहत काट रहा था और यह देखकर एक डॉक्टर बेहोश हो गया उन सब के पीछे खड़ा रुद्र का मैनेजर वरुण ।
वरुण की बुरी तरीके से कांप रहा था। उसके माथे पर भी पसीने की बूंदे थी इस वक्त। रुद्र यहीं पर नहीं रुक उसने उसे आदमी पर चाबुक से वार करना शुरू कर दिया वह आदमी दर्द से तड़प रहा था पर रूद्र को उसे पर जरा सा भी तरस नहीं आ रहा था।
उसे बार-बार अपने दादाजी का तड़पता हुआ चेहरा याद आ रहा था और उसके दादाजी को उसे हालत में देखकर उसका गुस्सा और भी ज्यादा बढ़ रहा था। वह उसे आदमी को एक झटके में मार सकता था पर वह उसे तड़पाना चाहता था। उसने राइट साइड से एक चाकू उठाया और सीधा उसे आदमी की बांह पर धसा दिया । इसके साथ ही उसे आदमी की एक तेज चीख निकल गई। उसकी आंखों से झर झर आंसू बह रहे थे। डॉक्टर की टीम भी यह देखकर डर के मारे कांप रही थी।
उन्हें पता था कि अब रूद्र उन्हें भी छोड़ने वाला नहीं है। इतना होने के बाद भी जैसे रूद्र को शांति नहीं मिली थी। उसने अपनी रिवॉल्वर ली और सीरी उसे आदमी के दिल पर शूट कर दिया और इसी के साथ उसे आदमी की धड़कनें थम गई और वह सांस देने के लिए तड़पने लगा ऐसे ही अभी 1 मिनट ही हुआ होगा कि वह आदमी तड़पते तड़पते हुए ही मर गया।
इसके साथ ही रुद्रा डॉक्टर की टीम को एक नजर देखा उसकी एक नजर देखने से ही डॉक्टर बुरी तरीके से घबरा गए उनकी हालत इस वक्त बहुत बुरी थी उन्हें पता था कि उनसे लापरवाही हुई है अगर वह दादाजी का ध्यान रखते तो आज ऐसी नौबत नहीं आती और अब रूद्र होने किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।
रुद्रा सारी डॉक्टर की टीम को एक तरफ जाने का इशारा किया उसका इशारा मिलते ही सारे डॉक्टर उसे जगह पर चले गए और रुद्रा ने उन सब को एक-एक करके मारना शुरू कर दिया रुद्र बहुत बुरी तरीके से मार रहा था उन दोनों उन लोगों को आज उन लोगों की एक लापरवाही की वजह से उसके दादाजी कोमा में जा सकते थे रुद्र अपने दादाजी को खोना किसी भी कीमत पर अफोर्ड नहीं कर सकता था।
उसने डॉक्टर की टीम को तब तक टॉर्चर किया जब तक उसके मन को शांति नहीं मिल गई ।
डॉक्टर को उसके किए की सजा देने के बाद रूद्र सीधा बाहर निकल आया वह सीधा अपने कमरे में गया और आईने में खुद को दिखा दोस्त की वाइट शर्ट पूरी तरीके से खून से सनी हुई थी और उसकी बॉडी से ब्लड की स्मेल आ रही थी उसने तुरंत उसे शर्ट को खुलना शुरू कर दिया एक-एक करके रुद्राक्ष शर्ट के बटन खोल रहा था और उसके साथ ही वह सीधा वॉशरूम में गया।
और एक-एक करके अपने सारे कपड़े उतार कर शावर के नीचे खड़ा हो गया। उसने शावर ऑन किया इसके साथ ही उसकी बॉडी पर लगा हुआ खून और उसके चेहरे पर लगाए हुए खून धीरे-धीरे करके बहने लगा।
शॉवर लेने के बाद रुद्रा ने अपनी कमर पर टॉवल लपेटा और सीधा बाहर निकल आया और वैनिटी के सामने खड़ा होकर खुद को एक नजर आईने में देखकर क्लोज इट की तरफ बढ़ गया और अपने कपड़े चेंज किया नेवी ब्लू कलर का एक बिजनेस सूट पहना और अपने बाल को सेट करके सिधा कमरे से बाहर निकल गया।
और सीधा होल में आकर एक नजर पूरे हॉल को दिखा और सीधा अपनी कार लेकर मेंशन से बाहर चला गया ।
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इसी के साथ आज का चैप्टर खत्म होता है दोस्तों
मिलती हूं आप सबसे नेक्स्ट पार्ट में 🖤
तो यह थी हमारी रुद्राक्ष की झलक यह थी उसकी क्रुएलिटी। 😈
अगर आपको part पसंद आया हो तो शेयर करना ना भूले
✍️
Thank you 😘🔏👀


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