Intensity of obsession
"वो मेरी है, और मौत भी उसे मुझसे नहीं छीन सकती।" वत्सल रघुवंशी—जिसके पास बेहिसाब दौलत है, आँखों में बर्फ सी ठंडक और रगों में एक ऐसी प्यास जो कभी नहीं बुझती। वह प्यार नहीं करता, वह शिकार करता है। और इस बार उसकी नज़र 'इशिका' पर है। इशिका, जिसकी खूबसूरती उसकी सबसे बड़ी दुश्मन बन गई। वह कोमल है, शांत है, पर उसकी खामोशी के पीछे एक जलती हुई बगावत है। वह वत्सल के सोने के पिंजरे से भागना चाहती है, लेकिन वत्सल की दीवानगी की कोई लकीर नहीं। इशिका के पास भागने के हज़ार रास्ते थे, पर वत्सल के जुनून का इन्फेक्शन (Infection) उसकी रूह तक पहुँच चुका था। जब वत्सल की सर्द सांसें इशिका की गर्दन को छूती हैं, तो नफरत और चाहत के बीच की लकीर धुंधली पड़ जाती है। क्या इशिका इस ज़हरीले आकर्षण से बच पाएगी? या वत्सल का यह जानलेवा जुनून उसे पूरी तरह तबाह कर देगा? सावधान: यह कहानी है उस अंधेरे प्यार की, जहाँ इश्क जब हद से गुजर जाए... तो गुनाह बन जाता है। Savdhan Rahe Meri kahani aapka Sukh chain chhin legi. 🔥 अब होगी जुनून की सारी हदें पार। Reminder: यह स्टोरी 18 प्लस होने वाली है तो जिसको भी अगर स्टोरी पसंद आए तो मुझे फॉलो करना ना भूले और प्लीज मुझे किसी भी तरह की कंप्लेंट्स नहीं चाहिए मैं पहले ही बता रही हूं 18+ स्टोरी है तो वह सोच समझकर पढ़ना मेरी यह स्टोरी आपका सुख चैन और नींद तीनों छीन लेगी। मोर 18 प्लस स्टोरी एंड रिस्की स्टोरी।


