
रघुवंशी फार्महाउस के बाहर बारिश की हल्की फुहारें पत्थर के रास्तों को भिगो रही थीं। रात के दो बज रहे थे, लेकिन आसमान में बिजली की कड़कड़ाहट
वत्सल रघुवंशी के मन के अंदर मचे तूफान का आयन थी। उसकी काली BMW तेज़ रफ्तार से पोर्टिको में आकर रुकी।


रघुवंशी फार्महाउस के बाहर बारिश की हल्की फुहारें पत्थर के रास्तों को भिगो रही थीं। रात के दो बज रहे थे, लेकिन आसमान में बिजली की कड़कड़ाहट
वत्सल रघुवंशी के मन के अंदर मचे तूफान का आयन थी। उसकी काली BMW तेज़ रफ्तार से पोर्टिको में आकर रुकी।

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